115 साल से भी पुरानी आयुर्वेद की धरोहर श्री भूवनेश्वरी फार्मसी " की शास्त्र के आधार पर निर्माण की यहां लिखे गए सामान्य अभ्रक भस्म के गुण हे पर अभ्रक भस्म १००० पुटी में यही गुण कई गुना बढ़ जाते हे। अभ्रक भस्म के गुण -अभ्रक भस्म में कई प्रकार के रोगों को नष्ट करने की क्षमता होती है ।राज्यक्षमा आज के समय में जिसे टीवी कहा जाता है । उसमें भी चिकित्सकीय निर्देशानुसार अभ्रक भस्म का उपयोग करने से अत्यधिक लाभ होता है ।पुरानी खांसी हो दमा हो स्वसन संस्थान का कोई भी रोग हो सभी में यह किया जाता है ।स्वास एवं दमा रोग में गले में जो छाले हो जाते हैं । अभ्रक भस्म को मिश्री की चासनी में पिपली के चूर्ण के साथ में सेवन करवाना चाहिए ।लंबे समय से हो रहे अम्ल पित्त में अभ्रक भस्म को अम्लपित्तांतक लौह और शहद के साथ सेवन करवाना चाहिए ।प्रसूति रोगों में महिलाओं को दशमूलारिष्ट के साथ अभ्रक भस्म का सेवन करवाना चाहिए ।प्राप्ति हेतु संपर्क करे : श्री भुवनेश्वरी आयुर्वेद कैवल्यभाई जोशी 88 66 602 602